कवनो रंग  प्यार  के बादे चटकार होला

कवनो रंग  प्यार  के बादे चटकार होला

 

 

 

कवनो रंग  प्यार  के बादे चटकार होला

ई जे अंग लाग जाला गजबे निखार होला

 

मन के रिश्ता सगरो रिश्ता में अनमोल बा

ई जब भी होला ना नगदी ना उधार होला

 

जंगल में चरत सुन्दर हिरनी के नियन कवनो

आदमी अचिके में केहू के नजर के शिकार होला

 

स्नेह के खेला ई त रोमांच से भरपूर हउए पर

एइमें ना केहू के जीत बाटे ना केहू के हार होला

 

लाख करऽ खरचा अपना देह के दासा खातिर

लेकिन वास्तविकता में त जवनिए सिंगार होला

 

गाँव में तू सब मनई से दोस्ती राखल करऽ

भाई हो हर मुसीबत में गउँए चौकीदार होला

 

 

ई प्रेम एहसान बा तहपे

 

ई प्रेम एहसान बा तहपे कवनो उधार नइखे

माई बाप से बढ़के कवनो भी किरदार नइखे

 

पानी के बूँद से बनावट घुल जाला इहाँ पर

बाकिर सादगी से बढ़के कवनो सिंगार नइखे

 

मुहब्बत में दिल के लेन देन होते रहेला सदा

इहवाँ केहू के जीत नइखे केहू के हार नइखे

 

गाँव में एगो निर्धन के बेटी लुटाइल बिया खुल्ला

बाकिर ए जुलुम के किस्सा कहत अखबार नइखे

 

केहू आश में बाटे सवाती के एगो बूँद की खातिर

पर आँखिन के कारी बदरिया के दीदार नइखे

 

मेहरी जबसे अपना मरद से बिछड़ गइल बिया

बार बाटे उड़ल-उड़ल चेहरा पर निखार नइखे

 

हम फेरु तहार साथी बनेके तइयार त हो जाइब

दिल में प्यार त ओतने बा लेकिन एतबार नइखे

 

तू आ जा हमरा गाँव समुन्दर के किनारा छोड़के

दोस्त हमरा नदी के पानी तनिका भी खार नइखे

 

लइका ऊहे कुछ करके देखवेला अख्खा जमाना के

जेकरा बात – बात पर हद से जियादा दुलार नइखे

 

‘संजय’ उतरनी गहराइ में बहुत डेरा – डेरा के हम

लेकिन खुदा के रहम बाटे डुबावत मँझदार नइखे

 

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