ललसा आधा अधूरा बा

ललसा आधा अधूरा बा

 

 

ललसा आधा अधूरा बा

म्ंाजिल  बहुते  दूरा बा

 

अखड़ा में पटकाइल बा

अबले  पीठ में  धूरा बा

 

सभे एगो दुख में लागल

इहाँ केकर असरा पूरा बा

 

बाहर से पक्का चमकऽता

आ घर में लागल धूरा बा

 

केहू  सही  नइखे देखत

आँख में  चुन्नी  चूरा बा

 

बोली भलहीं  मीठा  बाटे

बगली में राखल छुरा बा

 

 

 

बात-बात में हारल मउगी

 

 

 

बात-बात में हारल  मउगी     ( मउगी – स्त्री ,औरत)

घर में खूबे  तारल  मउगी

 

ससुरा में दहेज  की खातिर

तेल छिरिक के जारल मउगी

 

रोज शराबी  मरदे  की हाथे

मउगत लेखा  मारल  मउगी         ( मउगत – मृत्यु ,मौत  )

 

रग – रग से लहू के कतरा

नेबुआ  मतिन  गारल मउगी

 

अथाह गम सहके हँसेले नित

अपना किस्मत से हारल मउगी

 

मउगी से घर  उजियारा होला

लागेली दियरी के बारल मउगी

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