Sapne Mein Andhera dekhna सपने में अंधेरा देखना 

Sapne Mein Andhera dekhna सपने में अंधेरा देखना 

Sapne Mein Andhera dekhna

Sapne Mein Andhera dekhna सपने में अंधेरा देखना 

अंधेरे से दुनिया के सभी लोग वाकिफ होते हैं। उजाला और अंधेरा हमारे जीवन में लगा ही रहता है। दिन और रात के रूप में हमारे रोजाना के 24 घंटे में 12 घंटे उजाला यानी कि दिन तथा 12 घंटे अंधेरा यानी कि रात का हिस्सा होता है। यह प्रक्रिया मनुष्य जीवन के लिए बेहद जरूरी होता है। इसीलिए तो ईश्वर ने सोच-समझकर पृथ्वी पर यह समीकरण बनाई है। www.sitehindi.com

 सपने में अंधेरा देखना कैसा होता है 

 खैर आज हम इस विषय पर बात करने वाले हैं कि सपने में अंधेरा देखना Sapne Mein Andhera dekhna कैसा होता है ? तो क्या आप भी सपने में अंधेरा देखने का मतलब जानना चाहते हैं ? अगर हां तो इस लेख में आपका तहे दिल से स्वागत है । यहां हम आपको इसी बारे में जानकारी देने की कोशिश करेंगे ।
Sapne Mein Andhera dekhna सपने में अंधेरा देखना 
वैसे सपना तो हर मनुष्य देखता है परंतु अधिकतर लोग सपना देखने के बाद सपने को इग्नोर कर देते हैं। क्योंकि कोई भी मनुष्य सामान्य सपनों का अर्थ जानने का प्रयास नहीं करते। सपनों का अर्थ जानने का प्रयास तो आदमी तब करता है जब वह कोई गंभीर सपना देख लेता है।
Sapne Mein Andhera dekhna
www.sitehindi.com  यहां पर हम आपको बताना चाहेंगे कि सपना गंभीर हो या फिर सामान्य सभी स्वप्न का एक खास अर्थ होता है । अतः कोई सामान्य सपना देख कर उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। क्या पता आप जिस सपने को सामान्य समझ कर नजरअंदाज कर देना चाहते हो उस सपने में आप से जुड़ी कुछ खास अर्थ छुपा हुआ हो।
Sapne Mein Andhera dekhna सपने में अंधेरा देखना 
 तो हम बताने वाले थे कि सपने में अंधेरा देखना Sapne Mein Andhera dekhna कैसा सपना होता है ?दोस्तों सपने में अंधेरा देखना अच्छा सपना नहीं माना गया है। इसलिए अगर आप भी सपने में अंधेरा देखिए तो समझ जाइए कि यह सपना आपके ऊपर नकारात्मक प्रभाव डालने वाला सपना है। ऐसे में आपको थोड़ा सचेत रहने की आवश्यकता है।
 सपने में अंधेरा देखना 
  सपने में अंधेरा देखना विपत्ति आने का सूचक माना गया है। यानी इस सपने को देखने वाले व्यक्ति पर विपत्ति आने का योग बनता है जो कि कहीं ना कहीं एक बेहद अशुभ सपना है।
 सपने में अंधेरा देखना = विपत्ति आए
Comments
  1. Madhuri

    HII..
    MUJHE PICHHALE MAHINE SE HI AB TAK SAPNE EK JAISE AA RAHE HAI JISME MUJHE BISTAR SE UTHANE TAK GATE TAK AANE TAK KUCHH BHI YAAD NAHI RAHTA.. ME YE CHILLATE HUYE UTHATI HU KI ROSHANI KARO ROSHANI KARO MERI AAWAZ SE MERI MUMMY BHI UTH JATI HAI ..MUJHE PAKADTI HAI WESE HI ME NORMAL HO JATI HU…AISA LAGATAR HO RAHA HAI…MERE SAPNE HAMESHA SE HI MUJHE SANLKET DETE AAYE HAI PAR JAB VO HAQIQAT ME SACH HO JATE HAI TAB MATLAB SAMAJH AATA HAI …ISS BAR BHI AISA RAHA HAI PAR MUJHE BAHUT DAR LAG RAHA HAI…KYUN KI MERE PAPA KI TABIYAT THIK NAHI HAI…

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!